ख़्वाबों के ख्याल की खैरियत

सोचता हूँ खाव्बों को कैसा लगता होगाजब हम उन्हें देखते हैं,वो भी कभी कभी बिना पलके झपकाए क्या उन्हें उमीदें हो जाती हैंहमसे ही पूरा होने की क्या खवाब एक दूसरे से जलते भी होंगेकि पहले तू कैसे पूरा हो गया,शुरुआत तो मैंने पहले की थी क्या इन खवाबों को भी दुख होता होगा,जब कभीContinue reading “ख़्वाबों के ख्याल की खैरियत”

क्यों

तलब मुझे जो ज़मीन कीतो आस्मां से क्यों लड़ूँ शौक बस जो चलने कादौलत की दौर में क्यों मरुँ समय के साथ ही जो बहना मुझेदुनिया के दिखाए सितारों में क्यों उड़ूँ जीना मुझे है जो खुद के साथज़माने की ठोकरों से क्यों डरूँ मकसद है जो बस एक इंसान होनाये नामों के भार तलेContinue reading “क्यों”

Hope

An endless rope of strengthAt times cut into piecesIt deepens roots of soulgrowing endlessly to last breaths For it knows no wordsNo language, no boundariesIt’s the the dance of PeacockFirst ray of the day, rooster of life. If life is a race,Hopes are the legsThough potent as lionit derives it’s rhythmfrom sweet nightingale. It’s theContinue reading “Hope”

जड़ें आसमाँ की

उड़ चला था एक पंछीफड़फड़ाते आसमाँ मेंजले थे दीप आँखों मेंउम्मीदें भी पतंग थी ढूंढते चिराग की ज़मीनइरादे बुलंद थेऊँची ज़मीन, सजे हुए सपनेना जाने हवाओं ने क्या क्या दिखाया उन्माद में नए रास्तों केजीवन की डोर थामने की कशिशउड़ रहा था एक पंछीबिजली से कड़कती आसमाँ में रात हुई जो चाँद के इशारे पेसितारोंContinue reading “जड़ें आसमाँ की”

हसीन है ये ज़िन्दगी

उमीदों से तेज़ भागते मेरे रास्तेमंज़िल भी आ गिरी आज आसमान सेलिपट के रोई हैं हवाएंतू कैसे हँस लेता है रे इत्ते शान से रास्तों का मुसाफिर मैंमंज़िल की चाह नहींला सकूँ जो जग के चेहरे पे हसींज़्यादा उससे मेरी कोई बिसात नहीं